Daily worship and mantras for morning and evening in Hindi – Panditji Hello

Daily worship and mantras for morning and evening in Hindi

Daily worship and mantras for morning and evening in Hindi

सुबह से शाम तक की नित्य पूजा विधि और मंत्र

प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति के लिए नित्य (प्रतिदिन) पूजा-पाठ और मंत्र जप करना चाहिए। यहां सुबह से रात तक की दिनचर्या के अनुसार पूजा विधि और मंत्रों का संकलन दिया गया है।


🌅 सुबह उठने के समय (Brahma Muhurat: 4:00 – 6:00 AM)

1. जागने के बाद पहला मंत्र (कर-दर्शन मंत्र)

🔹 जब सुबह उठें, तो हाथों को देखते हुए यह मंत्र बोलें:
📿 मंत्र:
👉 “कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥”

📌 अर्थ: हमारे हाथों के अग्रभाग में माता लक्ष्मी, मध्य में माता सरस्वती और मूल में भगवान विष्णु का वास है। इसलिए अपने हाथों का दर्शन करें और दिन की शुभ शुरुआत करें।


🚿 स्नान से पहले (स्नान मंत्र)

2. जल को पवित्र करने का मंत्र

🔹 स्नान करने से पहले जल को दोनों हाथों से पकड़कर इस मंत्र से पवित्र करें:
📿 मंत्र:
👉 “गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति।
नर्मदे सिंधु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु॥”

📌 अर्थ: गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु और कावेरी, आप सभी इस जल में पधारें और इसे पवित्र करें।


🪔 प्रातःकाल पूजा (Sunrise: 6:00 – 7:30 AM)

3. दीप प्रज्वलन और संकल्प

🔹 घर के मंदिर में शुद्ध घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं और यह मंत्र बोलें:
📿 मंत्र:
👉 “शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदा।
शत्रुबुद्धि विनाशाय दीपं ज्योतिर्नमोऽस्तुते॥”

📌 अर्थ: यह दीपक शुभता, स्वास्थ्य, समृद्धि और सभी नकारात्मकता का नाश करने वाला है।


☀️ सूर्यदेव को अर्घ्य (सुबह 7:00 – 8:00 AM)

🔹 तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें।
📿 सूर्य मंत्र:
👉 “ॐ सूर्याय नमः।” (11 बार)
👉 “ॐ घृणिः सूर्याय आदित्याय स्वाहा।”


📖 भगवान की पूजा और मंत्र जप (सुबह 8:00 – 9:00 AM)

🔹 भगवान गणेश, विष्णु, शिव, माता लक्ष्मी और अन्य देवी-देवताओं की पूजा करें।
🔹 फूल, चंदन, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।

📿 गणेश मंत्र:
👉 “ॐ गं गणपतये नमः।” (108 बार)

📿 शिव मंत्र:
👉 “ॐ नमः शिवाय।” (108 बार)

📿 विष्णु मंत्र:
👉 “ॐ विष्णवे नमः।” (108 बार)

📿 लक्ष्मी माता मंत्र:
👉 “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।” (108 बार)


🕉️ दोपहर (Madhyanh Puja: 12:00 – 1:00 PM)

🔹 इस समय भगवान विष्णु और माता अन्नपूर्णा की पूजा करें।
📿 अन्नपूर्णा माता का मंत्र:
👉 “ॐ अन्नपूर्णे सदापूर्णे शंकरप्राणवल्लभे।
ज्ञानवैराग्य सिद्ध्यर्थं भिक्षां देहि च पार्वति॥”

📿 हनुमान चालीसा का पाठ
🔹 इस समय हनुमान चालीसा पढ़ना शुभ होता है।


🌆 संध्या कालीन पूजा (Evening Puja: 6:00 – 7:30 PM)

4. संध्या दीप प्रज्वलन

🔹 सूर्यास्त के समय दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
📿 दीपक जलाने का मंत्र:
👉 “ॐ दीपज्योति परब्रह्म दीपज्योतिर्जनार्दनः।
दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तुते॥”

📿 महालक्ष्मी मंत्र:
👉 “ॐ ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।”


🌙 रात्रि (Night Rituals: 9:00 – 10:00 PM)

5. शयन से पहले प्रार्थना (सोने से पहले मंत्र)

🔹 रात्रि में सोने से पहले यह मंत्र बोलें:
📿 मंत्र:
👉 “कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥”

📌 अर्थ: हे भगवान कृष्ण! मैं आपकी शरण में हूं, कृपया मेरे सभी दुखों को हर लें।

📿 हनुमान जी का मंत्र:
👉 “ॐ हं हनुमते नमः।” (21 बार)

📿 गायत्री मंत्र:
👉 “ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं।
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥”

📿 महामृत्युंजय मंत्र:
👉 “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥”


🔹 निष्कर्ष (Conclusion)

सुबह से रात तक की नित्य पूजा विधि से जीवन में सकारात्मकता और आध्यात्मिक उन्नति होती है।
सुबह ब्रह्ममुहूर्त में करदर्शन, स्नान और सूर्य अर्घ्य करना चाहिए।
भगवान गणेश, शिव, विष्णु, लक्ष्मी, हनुमान जी और देवी-देवताओं की पूजा करें।
रात को सोने से पहले ध्यान और मंत्र जाप करना शुभ माना जाता है।
रोज़ाना यह नियम अपनाने से मानसिक शांति, सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

🙏 यदि आप किसी विशेष देवी-देवता की पूजा विधि जानना चाहते हैं, तो बताइए, मैं पूरी जानकारी दूंगा। 🚩😊

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