घर की 10 दिशाओं को संतुलित करने के उपाय
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की 10 दिशाएँ (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, आकाश, पाताल) हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव डालती हैं। सही संतुलन से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। आइए जानते हैं कि इन दिशाओं को कैसे बैलेंस करें:
1. उत्तर दिशा (धन और समृद्धि)
- यह दिशा कुबेर की मानी जाती है, इसलिए यहाँ भारी सामान न रखें।
- पानी का स्रोत (जैसे जलकुंभ या फव्वारा) रखना शुभ होता है।
- हल्के रंगों (सफेद, क्रीम, हल्का नीला) का उपयोग करें।
2. दक्षिण दिशा (यश और स्थिरता)
- यह यमराज की दिशा है, यहाँ ऊँची दीवारें या भारी फर्नीचर होना चाहिए।
- दक्षिण दीवार पर पूर्वजों की तस्वीर लगाना शुभ होता है।
- लाल, नारंगी और गुलाबी रंग उपयुक्त होते हैं।
3. पूर्व दिशा (स्वास्थ्य और उन्नति)
- यह सूर्य की दिशा है, इस ओर मुख्य द्वार होना शुभ होता है।
- खिड़कियाँ खुली रखें और सुबह की धूप को घर में आने दें।
- हल्के पीले या सफेद रंग का प्रयोग करें।
4. पश्चिम दिशा (रचनात्मकता और संतोष)
- यह शनि की दिशा है, यहाँ स्टोर रूम या डाइनिंग हॉल बनाना अच्छा होता है।
- सोते समय सिर पूरब की ओर रखें।
- नीले और ग्रे रंग का प्रयोग करें।
5. उत्तर-पूर्व दिशा (ध्यान और शुद्धता)
- यह भगवान शिव की दिशा है, यहाँ पूजा स्थान होना चाहिए।
- भारी सामान या गंदगी न रखें, इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
- हल्के पीले या सफेद रंग का उपयोग करें।
6. उत्तर-पश्चिम दिशा (संबंध और मित्रता)
- यह वायु तत्व से जुड़ी है, यहाँ मेहमान कक्ष बनाना शुभ होता है।
- चांदी, सफेद या हल्का नीला रंग अच्छा होता है।
- हवा के अच्छे प्रवाह की व्यवस्था करें।
7. दक्षिण-पूर्व दिशा (ऊर्जा और शक्ति)
- यह अग्नि की दिशा है, इसलिए यहाँ रसोई बनाना सबसे अच्छा होता है।
- गैस चूल्हा आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में रखें।
- लाल, गुलाबी और नारंगी रंग इस क्षेत्र के लिए शुभ होते हैं।
8. दक्षिण-पश्चिम दिशा (स्थायित्व और शक्ति)
- यह राहु-केतु की दिशा है, यहाँ बेडरूम बनाना अच्छा होता है।
- भारी फर्नीचर और तिजोरी यहाँ रखना शुभ होता है।
- भूरे, पीले और हल्के नारंगी रंग का प्रयोग करें।
9. आकाश दिशा (ऊर्जा का केंद्र)
- घर के मध्य भाग (ब्रह्मस्थान) को खुला और स्वच्छ रखें।
- भारी सामान, सीढ़ियाँ या बाथरूम यहाँ न बनवाएँ।
- सफेद, हल्का क्रीम या हल्का पीला रंग शुभ होता है।
10. पाताल दिशा (नींव और स्थिरता)
- घर की नींव मजबूत रखें और समय-समय पर मरम्मत कराएँ।
- बेसमेंट हो तो अच्छी रोशनी और वेंटिलेशन की व्यवस्था करें।
- गहरे रंगों (भूरा, गहरा लाल) का उपयोग करें।
सारांश
घर की हर दिशा का अपना महत्व होता है। सही दिशा में सही चीज़ों को रखने और उचित रंगों का प्रयोग करने से जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है। यदि आपके घर में वास्तु दोष हैं तो इनमें छोटे-छोटे बदलाव करके संतुलन स्थापित किया जा सकता है।